
सवेरा आज हम राह ढूढ़ता है , दिल दिलो का करवा ढूढ़ता है !
हम टूट न जाये तेरी वफाओ से ,एक उम्र दार भी गुलजार ढूढ़ता है !!
मोहब्बत में फना हो के दिखाओ ,
आज उम्र दार भी एक गुलजार ढूढ़ता है !
तन्हाइयो को तुमने ही चुना है मेरे दोस्त ,
जरा तनहाइओ पे तो फना होक दिखाओ !!
गुजर जायेगे कुछ साल फिर तुम भी बदल जाओगे ,
जरा इस उम्र में बेपनाह हो के तो दिखाओ !
दो पल का है ये अँधेरा फिर से उजाला
आएगा ,
जो कल छूट गया वो अधूरा ही काम आएगा !
कहि खो न जाओ तुम इस अँधेरी रातो में ,
फिर से ये उजाला ही काम आएगा !
जरा मुस्करा लो तुम भी इन पलो में ,
फिर वो पुराना जमाना ही काम आएगा !
जरा से भूल तुम भी कर लो जरा सी हम भी........... ,
पजीर ये तड़पना ही काम आयेगा !तेरी इस उम्मीद में हम कब तक जिए ,
अब तो संभालना ही काम आएगा !
काश कोई ख़तम कर दे इस गम के अँधेरे को ,
फिर तो महकना ही काम आएगा !
❤❤❤❤
WRI. BY =AK OFFICIAL
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