रविवार, 21 जून 2020

जरा से भूल तुम भी कर लो जरा सी हम भी...........






 सवेरा आज हम राह ढूढ़ता है , दिल दिलो का करवा  ढूढ़ता है !
 हम टूट न जाये तेरी वफाओ से ,एक उम्र दार भी गुलजार ढूढ़ता है !!

 मोहब्बत में फना हो के दिखाओ ,
 आज उम्र दार भी  एक गुलजार ढूढ़ता है !

 तन्हाइयो को तुमने ही चुना है मेरे दोस्त ,
 जरा तनहाइओ पे तो फना होक दिखाओ !!
   
 गुजर जायेगे कुछ साल फिर तुम भी बदल जाओगे ,
 जरा इस उम्र में बेपनाह हो के तो दिखाओ !


 दो पल का है ये अँधेरा फिर से उजाला
आएगा ,
 जो कल छूट गया वो अधूरा ही काम आएगा !
 कहि खो न जाओ तुम  इस अँधेरी रातो में ,
 फिर से ये उजाला ही काम आएगा !
 जरा मुस्करा लो तुम भी  इन पलो में ,
 फिर वो पुराना जमाना ही काम आएगा !
 जरा से भूल तुम भी कर लो जरा सी हम भी........... ,
 पजीर ये तड़पना ही काम आयेगा !
 तेरी इस उम्मीद में हम कब तक जिए ,
  अब तो संभालना ही काम आएगा !
  काश कोई ख़तम कर दे इस गम के अँधेरे को ,
  फिर तो महकना ही काम आएगा !


❤❤❤❤
                                                                                                         WRI. BY =AK  OFFICIAL



                                

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