शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

इश्क कीजिये फिर समझिये जिंदगी को क्या चीज है , होस वालो को खबर क्या बेखुदी क्या चीज हैं।





*इश्क कीजिये फिर समझिये जिंदगी को क्या चीज है ,
  होस वालो को खबर क्या बेखुदी क्या चीज हैं।

*उनसे नजरे क्या मिली रोशन फिजाये हो गयी
  खुलती जुल्फों ने सिखाया मौसमो को शायरी
  झुकती आँखों ने बताया महकशी क्या चीज है
  इश्क कीजिये फिर समझिये जिंदगी क्या चीज है। .....

*आज जाना प्यार की जादूगरी क्या चीज है
  क्यों मिला दुःख ये मोहब्बत में
  आज खाया फिर तो जाना दर्द भी क्या चीज है
  क्यों भटकती है ये दुनिया चन्द लम्हो के ;लिए
  तुझे पाया तो ये जाना दिललगी क्या चीज है
  क्यों छोङ दू इस वक्त पे ऐतबार किसको है
  इंतजार किया तो ये जाना ऐतबार क्या चीज है
  इश्क कीजिये फिर समझिये जिंदगी क्या चीज है। ......

*न दिन ये ढलता ,न शाम होती ,न दिन ये रोता ,न ये रात रोती
  न होती खबर तुझको ,न खबर मुझको
  चन्द लम्हो की बारिश में , बरसात भी क्या चीज है
  मिल जाते अल्फाज बारिशे भी भीग जाती
  चंद्रमा की रौशनी में , चाँदनी भी शर्मा जाती
  इश्क करते फिर समझते जिंदगी क्या चीज है   
  होश  वालो को खबर क्या बेखुदी क्या चीज़ है

*न मेरे  अल्फाज रोते न ये रोता पल
  काश तुम इश्क से पूछ लेते ये बेबशी क्या चीज है
  दो लब्जो की बारिश में ,भीग के तुम देख लेते
  इश्क करते फिर समझते दिललगी क्या चीज है
  इश्क करते फिर समझते दिललगी क्या चीज है
  होश वालो को खबर क्या बेखुदी क्या चीज क्या चीज है। ........

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रविवार, 19 जुलाई 2020

POEM (तेरा संघर्स )

POEM (तेरा संघर्स )


क्या मिला तुझको क्यों खबर रखता है तू
जो दिया मैंने तुझको संभाल ले
क्यों फ़िक्र करता है तू
ये युग कल भी तेरा था , आज भी और कल भी तेरा रहेगा -क्यों फ़िक्र करता है तू -

चाँद लम्हो के समंदर में डूब के तू देख ले
तैरना खुद ही सीख ही सीख जायेगा एक पहल कर के देख ले-

आँधिया चलती रहेगी देख मत तु , कागजो की कस्तिया यु फेक न तू।,इस झा को फिर से देख तू -
कल सबेरा फिर से होगा ,फिर से आएगी शाम
जो बीत गया अफ़सोस क्यों -जो छूट गए अफ़सोस क्यों

मै चला ,चलता चला था वक्त के इस ख्वाब में ,मुढ़ न फिर देख तू
कल किसी ने क्या देखा ,आज फिर से देख तू
कर्म के इस चक्र में अडिग अकेला फिर निकल तू -

बेसब्र की इन आँधियो में सब्र फिर न तोड़ तू
फिर मिलेंगे ,मिलते रहेंगे कर्म की इस कर्म भूमि में -

इन चंद लम्हो की तरह फिर मिट सकने वाला नहीं तू
फिर इंतजार किसका इस ज्वर के सैलाब में -

बन सुनामी पारकर तू ,हर के भी जीत तू ,
छोङ गया ये दो पल गमो के।
हम तो पंछी धरा वाले  ,आसमा का भी सीना चीर गया तू   



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सोमवार, 22 जून 2020

VERY SEXY ROMANTIC SHAIRY // अपने ओठों को मेरे ओठों से लगाने दो करीब आओ खुद को....


VERY SEXY ROMANTIC SHAIRY //  अपने ओठों को मेरे ओठों से लगाने  दो करीब आओ खुद को....



           अपनों ओठों को मेरे ओठों  से लगाने दो ,
           करीब आओ और खुद को खुद में मदहोस हो जाने दो !
           एक पल के लिए  इस समा को रुक जाने दो ,
           लगी आग को दरिया में बह जाने दो ,इन लहरों को लहरों में समा जाने दो !!
 
           इन  पालकों को शाम की तरह  ढल जाने दो !
           भूल जाओ इस  जहा को , खुद को खुद में समा जाने दो !!

   
            चिडियो का चहकना थम जाने दो ,कलियों का महकना रुक जने दो !
            नदियों की करलव थम जाने दो ,खुद को खुद में  सिमट जाने दो !!

           रुकी हुई इस समा को और रुक जाने दो ,
           वक्त के इस मंजर को थोङा  बहक जाने दो!
           क्या पता कल वो पल हो न हो ,
           आज इस पल को यही थम जाने दो!!
 
            क्या फ़िकर क्या फितरत  सब को  हद से गुजर जाने दो !
            फ़िकर और फितरत की  इस दुनिया को छोङ के थोङा आगे बढ़ जाने दो !!

           डूबे हुए इस मंजर को और ढल जाने दो ,
           अपनी बहो को और थोङा बहक जाने दो !
           न समेटो इनको इनकी हदो में , जितना हो सके उतना मचल जाने दो

           पास आओ और खुद को खुद में समा जाने दो.......



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रविवार, 21 जून 2020

जरा से भूल तुम भी कर लो जरा सी हम भी...........






 सवेरा आज हम राह ढूढ़ता है , दिल दिलो का करवा  ढूढ़ता है !
 हम टूट न जाये तेरी वफाओ से ,एक उम्र दार भी गुलजार ढूढ़ता है !!

 मोहब्बत में फना हो के दिखाओ ,
 आज उम्र दार भी  एक गुलजार ढूढ़ता है !

 तन्हाइयो को तुमने ही चुना है मेरे दोस्त ,
 जरा तनहाइओ पे तो फना होक दिखाओ !!
   
 गुजर जायेगे कुछ साल फिर तुम भी बदल जाओगे ,
 जरा इस उम्र में बेपनाह हो के तो दिखाओ !


 दो पल का है ये अँधेरा फिर से उजाला
आएगा ,
 जो कल छूट गया वो अधूरा ही काम आएगा !
 कहि खो न जाओ तुम  इस अँधेरी रातो में ,
 फिर से ये उजाला ही काम आएगा !
 जरा मुस्करा लो तुम भी  इन पलो में ,
 फिर वो पुराना जमाना ही काम आएगा !
 जरा से भूल तुम भी कर लो जरा सी हम भी........... ,
 पजीर ये तड़पना ही काम आयेगा !
 तेरी इस उम्मीद में हम कब तक जिए ,
  अब तो संभालना ही काम आएगा !
  काश कोई ख़तम कर दे इस गम के अँधेरे को ,
  फिर तो महकना ही काम आएगा !


❤❤❤❤
                                                                                                         WRI. BY =AK  OFFICIAL



                                

गुरुवार, 18 जून 2020

की मुझे पसंद नहीं तेरा गवारा होना......



                       की मुझे पसंद नहीं तेरा गवारा होना......                  



             *   कि मुझे पसंद नहीं  तेरा गवारा होने।,
                 वफाये हर रोज तरसती है मुझसे  मिलने के लिए !
                 बही थी हजार नौकाएं इस मझधार में ,
                 तरसते है हजार किनारे  मुझसे मिलने के लिए !!
                 कहते है  यु हसरते गुजर जाती है उनके इंतजार में ,
                 हमें नहीं गवारा होना उन हसरतो के लिए !!!


            *  बुझी हुईं आग  भी जल सकती है ,
                तूफ़ान से नाव भी  निकल सकती है !
                हो के उदास न बदल अपने इरादे को,
                तेरे इरादों से दुनिया बदल सकती है !!

                नफरतो की आग जो उसने लगाई थी इस दिल में
                तरस गए थे बदल इस  धरती पर बरसने के लिए
                ये शाम सुबह की तरह बहुत  सुहानी होती है जनाब
                फिर क्यों तरस गए थे बादल इस धरती पर बरसने
                फिर क्यों तरस गए थे दिल दोबारा उनसे मिलने के लिये


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